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Thursday, May 19, 2022

उन्नाव: ‘ठाकुर कहते हैं तुम चमार हो हमारा कुछ नहीं बिगाड़ सकते, पुलिस हमारे साथ है’, पुलिस के दावे में अभियुक्त गिरफ्तार

ज़मीन कब्जाने के लिए ठाकुरों का दलित परिवार पर अत्याचार, महिलाओं को गालियां देकर जबरदस्ती करने का आरोप। मामले में पुलिस ने दावा किया है की आरोपी को गिरफ्तार की गया है, जबकि पीड़ित परिजनों का कहना है कि यह सच नहीं है।

उन्नाव। देश में लगातार सवर्णों द्वारा दलितों पर अत्याचार के मामले बढ़ रहे हैं। उत्तर प्रदेश जहां एक ओर विधानसभा चुनाव को लेकर सुर्खियों में है वहीं दूसरी ओर अपराधों के लिए भी चर्चा में बना हुआ है। ताजा मामला उन्नाव का है। वैसे तो उन्नाव पहले से ही एक रेप केस को लेकर चर्चा में बना हुआ है। इस बार उन्नाव से ठाकुरों की दबंगई की खबर आई है। ठाकुरों द्वारा दलित परिवार पर अत्याचार किया गया। इस पूरे मामले में कथित तौर पर पुलिस प्रशासन की कार्रवाई पर भी सवाल उठ रहे हैं।

क्या है पूरा मामला?

उन्नाव जिले में मौरावां थाना क्षेत्र के मवई गांव में ठाकुर लोगों ने एक दलित परिवार के साथ मारपीट की। दलित परिवार की महिलाओं को न सिर्फ मारा गया बल्कि उनके साथ कथित रूप से जबरदस्ती भी करने की कोशिश की गई। पीड़ित परिवार का आरोप है कि ठाकुर समाज के तीन लड़के जिनके नाम रोहित सिंह, मोहित सिंह और शिव बरन सिंह उर्फ बचऊ सिंह हैं, ने महिलाओं के साथ छेड़छाड़ की और घर की बच्चियों के प्राइवेट पार्ट को भी छुआ।

द मूकनायक ने जब पीड़ित परिवार से बात की तो उन्होंने बताया कि ये पूरा मामला जमीन कब्जाने का है। परिवार के एक सदस्य ने बताया, “ठाकुर लोग हमारी जमीन पर कब्जा करना चाहते हैं। इस जमीन पर स्टे (न्यायिक रोक) लग गया है, लेकिन ठाकुर लोग यहां पर कब्जे के लिए गिट्टी और घर बनाने का सामान रख रहे हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “23 दिसंबर 2021 को ठाकुरों ने हमारे साथ मारपीट की। जब हमने जमीन कब्जाने के खिलाफ आवाज उठाई तो हमारे घर की औरतों पर कुल्हाड़ी से वार किया गया। वहीं पत्थर से भी मारा जिसके चलते घर की बुजुर्ग के सिर पर चोट आई। उनको 7 टाकें भी लगे हैं। बाकी महिलाओं को भी चोटें आई है।”

पुलिस की लापरवाही!

पीड़िता ने द मूकनायक को बताया कि आरोपियों ने उनके साथ जबरदस्ती करने की भी कोशिश की। उन्होंने कहा, “वो लोग हमें अपने घर में ले जाने की कोशिश कर रहे थे। जब वो घर में नहीं ले जा पाए तो हमारे साथ जबरदस्ती करने की कोशिश की गई। जबरदस्ती करते वक्त आरोपियों ने बच्चियों को गलत तरीके से भी छुआ।” पीड़िता ने द मूकनायक को बताया कि उन्होंने शिकायत की जो एप्लीकेशन लिख कर दी थी उसको पुलिस ने नहीं लिया। थाना मौरावां में जब शिकायत कराने पीड़ित परिवार गया तो पुलिस ने उनसे अपने तरीके से रिपोर्ट लिखवाई जिसमें छोटी-मोटी मारपीट की घटना का जिक्र किया गया है।

पीड़िता ने बताया कि, पुलिस ने पहले मामले को अनदेखा किया। पुलिसवालों ने किसी भी तरह की कोई सुनवाई नहीं की, साथ ही उनको वहां से भगाने की कोशिश की गई। पीड़िता ने आरोप लगाया कि पुलिसवाले ठाकुर समाज के लोगों से मिले हुए हैं जिसके चलते पुलिसवालों ने अपने ही तरीके से शिकायत लिखी।

पुलिस के दावे को इंकार करता पीड़ित परिवार

सोशल मीडिया पर ये वीडियो वायरल होने के बाद लोग लगातार इसपर न्याय की मांग कर रहे हैं। इस दबाव के चलते उन्नाव पुलिस ने इस पर कार्रवाई का दावा किया है। उन्नाव पुलिस ने ट्विट कर बताया कि एक अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसे जेल भेज दिया गया है।

पुलिस ने एक अभियुक्त को जेल भेजने का दावा तो कर दिया है लेकिन पीड़ित परिवार का दावा इससे अलग है।

जब द मूकनायक ने पीड़ित परिवार से इस बारे में सवाल किया तो परिवार ने गिरफ्तारी से इंकार किया है। पीड़ित परिवार ने कहा, “किसी की कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। सारे अभियुक्त यहां खुले घूम रहे हैं। वो हमें आए दिन धमकियां देते रहते हैं। जहां हमें अकेले देखते हैं वहीं धमकी देते हैं। कहते हैं तुम चमार हो… हमारा कुछ नहीं कर सकते।”

पीड़ित परिवार ने कहा, “अभियुक्त हमें जान से मारने की धमकी देते हैं साथ ही कहते है कि तुम छोटी जाति से आते हो कुछ नहीं बिगाड़ सकते। पुलिस और प्रशासन हमारे हाथ में है।”

पीड़ित परिवार ने बताया कि, “ये ठाकुर लोग हमें पहले भी मारते थे। हमारा पुराना घर है, नींव भी पड़ गई है और अब ये लोग कब्जा करना शुरु कर दिए हैं। कब्जा करने पर जब मना करते हैं तो हमसे मारपीट करते हैं।”

पीड़ित परिवार ने द मूकनायक की संवादाता से बात करते हुए बताया कि पुलिस वाले कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। एक बार पुलिस वाले आए तो हम घर पर नहीं थे। वो लोग ठाकुरों के घर आते हैं और वहां चाय पानी करते हैं।

इस पूरे मामले में ट्विटर पर उन्नाव पुलिस अभियुक्त को पकड़ने का दावा तो कर रही है लेकिन, पीड़ित इस बात से इंकार कर रहे हैं। पीड़ित परिवार अभी भी दहशत के साये में जी रहा है। ठाकुरों की दबंगई के चलते परिवार की महिलाएं सदमे में हैं। छोटी-छोटी बच्चियों का भी बुरा हाल है।

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