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Thursday, May 19, 2022

सदफ़ ज़फ़र, जिनका मुस्लिम होना और सच दिखाना पड़ा महंगा

नागरिकता संशोधन एक्ट यानी CAA के पास होने के बाद से ही देशभर में इसके खिलाफ़ प्रदर्शन किया जा रहा है. देश के कई हिस्सों में इसे पास करने का रोष दिखाई दे रहा है. प्रदर्शन में कई ऐसे अराजक तत्व भी शामिल हो रहे हैं जिनके कारण शांति से किया जाने वाला प्रदर्शन हिंसा का रूप ले लेता है.

जहां कई लोग इस बिल के खिलाफ़ अपनी आवाज़ बुलंद कर रहे हैं वहीं कुछ लोग इसके पक्ष में भी है जो नागरिकता संशोधन बिल को लागू करना सही लगता है.

देशभर के साथ ही उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में भी 19 दिसम्बर यानि पिछले गुरुवार को CAA के खिलाफ़ प्रदर्शन हो ही रहा था कि वहां कुछ लोग मीडिया की गाड़ी, बस आदि जलाने लगे. वहीं मौजूद सदफ़ ज़फ़र ये सारी घटना फेसबुक पर लाइव दिखा रही थीं.

वीडियो में भारीमात्रा में पुलिस भी दिखाई दे रही है. वीडियो में सदफ़ की आवाज़ को साफ सुना जा सकता है, जिसमें वे लगातार पुलिस से सवाल कर रही हैं कि वो इन उपद्रवियों को रोक क्यों नहीं रहे, पकड़ क्यों नहीं रहे हैं.

वीडियो में मीडिया के कुछ लोग भी दिखाई दे रहे हैं जो सदफ़ से बात कर रहे हैं. सदफ़ उन्हें बता रही है कि वे लोग हमारे साथ नहीं हैं. हमारे साथ सिर्फ महिलाएं और कॉलेज के बच्चे हैं. और जो ये तोड़फोड़ कर रहे हैं वो आम जनता हो ही नहीं सकती वो प्रोफेशनल दंगाई हैं.

सदफ़ ने पहली वीडियो 19 दिसम्बर को शाम को लगभग 4 बजे डाली. जिसमें पुलिस हैं, गाड़ियों के जलने का धुआं दिखाई दे रहा. जो लोग जला रहा है उन्हें सदफ़ पुलिस से पकड़ने के लिए कह रही हैं. साथ ही वे कह रही हैं कि हम गांधी के अहिंसा के सिद्धांत को मानने वाले लोग हैं.

उन्होंने एक के बाद एक चार फेसबुक लाइव किए और प्रदर्शन की ताज़ा तस्वीरों से रूरू करवाया. आखिरी लाइव वीडियो में जलती बस को फायर ब्रिगेड की गाड़ी की मदद से बुझाया जा रहा है. आम जनता के साथ कई पुलिस वाले भी मौजूद हैं. थोड़ी ही देर में एक महिला पुलिस सदफ़ को गिरफ्तार करने आ जाती है. उनकी तस्वीरें साफ नहीं दिखाई दे रही हैं लेकिन वीडियो में सदफ़ और किसी महिला पुलिस की आवाज सुनाई दे रही है. वीडियो में सदफ़ अपनी गिरफ्तारी का बारबार कारण पूछ रही है, सदफ़ के कारण पूछने पर वो महिला पुलिस कहती है किबताएंगे ना कि क्यो ले जा रहे हैं’.

सदफ़, एक सशक्त महिला

सदफ़ ज़फ़र लखनऊ की रहने वालीं हैं. वे एक्टिविस्ट के साथसाथ एक सिंगल मदर हैं, जो दो बच्चों की मां हैं. वे लखनऊ के एक प्राइवेट स्कूल में पढ़ाने टीचर रह चुकी है. वे समाज के मुद्दों पर समय समय पर लिखती रहती हैं. इस समय वो उत्तर प्रदेश कांग्रेस से जुड़ी हुई है. इसके अलावा वे मीरा नय्यर की आने वाली फिल्म सूटेबल बॉय में भी दिखाई देंगी.

CAA के खिलाफ़ लखनऊ में हो रहे प्रदर्शन का लाइव वीडियो दिखाने के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया. जिसके बाद सोशल मीडिया पर उनके पक्ष में लोग लिखने लगे और उन्हें छोड़ने की मांग करने लगे. उनके लिए मीरा नय्यर और प्रियंका गांधी ने भी सोशल मीडिया पर लिखा.

मीरा नय्यर अपने ट्विटर अकाउंट पर लिखती हैं, “ये हमारा भारत है. ‘सूटेबल बॉयकी हमारी एक्ट्रेस सदफ़ ज़फ़र लखनऊ में शांति के साथ प्रदर्शन कर रही थीं. उन्हें पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया और उन्हें बुरी तरह पीटा. उनकी रिहाई के लिए मुझे सपोर्ट करें.”

प्रियंका गांधी लिखती हैं, “हमारी महिला कार्यकर्ता सदफ ज़फ़र पुलिस को बता रही थीं कि उपद्रवियों को पकड़ो और उन्हें यूपी पुलिस ने बुरी तरह से मारा पीटा व गिरफ्तार कर लिया. वह दो छोटेछोटे बच्चों की मां हैं. ये सरासर ज्यादती है. इस तरह का दमन एकदम नहीं चलेगा.”

लगातार कई लोगों के फेसबुक और ट्विटर पर सदफ़ ज़फ़ की रिहाई के लिखने के बाद उत्तर प्रदेश पुलिस ने भी सदफ़ जफ़र को गिरफ्तार करने का अपना अधिकारिक बयान जारी किया.

उत्तर प्रदेश की ट्विटर आधिकारिक अकाउंट पर पुलिस अधीक्षक कहते हैं, “सदफ जफर नाम की ये महिला है जिनको 19 दिसम्बर 2019 को गिरफ्तार किया गया है. जो परिवर्तन चौक, थाना हज़रतगंज की घटना है. जिसमें 600/19 विभिन्न धाराओं में मुदकद्मा पंजीकृत है. जिन्हें मौेके से ही गिरफ्तार किया गया था. जिनका जेल भेजने से मेडिकल हुआ और उनके खिलाफ़ पर्याप्त साक्ष्य हैं. इनके मामले में पुलिस पर लगाए जाने वाले आरोप निराधार है.”

सदफ़ की बहन नाहिद वर्मा ने जिस दिन सदफ़ की गिरफ्तारी हुई उसी दिन फेसबुक पर एक पोस्ट डाली थी, जिसमें सदफ़ के गिरफ्तारी सूचना थी. हमने लखनऊ की एक अन्य एक्टिविस्ट से भई बात की जो लगातार सदफ़ के बारे में भी लिख रही हैं. उन्होंने बताया कि सोमवार को उनकी पेशी थी. उन्हें लखनऊ जेल शिफ्ट कर दिया गया. उन्हें थाने में काफ़ी मारा भी गया है, जिसकी वजह से उन्हें पेट में चोट भी आई है

टूसर्कल ने सदफ़ की बहन नाहिदा से बात करने की कोशिश की लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो पाया. उन्होंने दिप्रिंट  से बातचीत में बताया कि वे उनकी जमानत की कोशिश कर रही हैं. सदफ से मिलने जेल गई थीं. उन्होंने बताया कि उन्हें बुरी तरह पीटा गया है. लखनऊ के परिवर्तन चौक पर जब शरारती तत्वों ने पुलिस पर पत्थर फेंकना शुरू किया तो उन्होंने इसे फेसबुक पर लाइव कर दिया. जब पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया तो भी वह लाइव थीं. इनमें से एक वीडियो में वह यह कहती दिख रही हैं यहां तो पुलिस और प्रदर्शनकारियों में मिलीभगत है. जो लोग पत्थर फेंक रहे हैं पुलिस उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रही है.

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