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Monday, August 8, 2022

मध्य प्रदेश: शराब की दुकान के सामने स्कूली बच्चों ने किया प्रदर्शन, कहा दुकान हटाओ या स्कूल

भोपाल। मध्यप्रदेश में जबलपुर रांझी के मानेगांव में स्थानांतरित की गई शराब दुकान के खिलाफ स्कूली बच्चों ने अभिभावकों के साथ विरोध प्रदर्शन किया। यह शराब दुकान स्कूल से महज 200 मीटर दूर है। बच्चों ने कहा कि, सरकार या तो शराब की दुकान बंद करे या फिर स्कूल। मौके पर पहुँची पुलिस और आबकारी के अधिकारियों ने किसी तरह आश्वासन देकर उन्हें समझा कर वापस भेजा।

क्या है पूरा मामला?

जबलपुर के बड़ा पत्थर रांझी की शराब दुकान कुछ दिन पहले लाला लाजपत वार्ड के मानेगांव में स्थानांतरित की गई है। दुकान खुलते ही स्थानीय लोगों ने विरोध किया और अधिकारियों को शिकायत की। स्थानीय प्रशासन को शिकायत करने के बाद जब कोई सुनवाई नहीं हुई तब स्कूल के लिए यूनिफाॅर्म में निकले बच्चे शराब दुकान पर जा पहुंचे और शराब की दुकान को हटाए जाने को लेकर नारे लगाने लगे। इस विरोध प्रदर्शन में स्कूली बच्चों के साथ उनके अभिभावक भी थे। स्कूली बच्चों को देख धीरे-धीरे स्थानीय लोग भी जुट गए, जिससे भीड़ बढ़ गई।

प्रदर्शनकारियों और दुकान कर्मचारियों के बीच झड़प

शराब की दुकान के विरोध में स्कूली बच्चों ने अभिभावकों के संग जमकर नारेबाजी की, इस दौरान शराब की दुकान के कर्मचारियों से कहासुनी भी हुई। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों ने बच्चों को समझाने की कोशिश, लेकिन बच्चों के सवालों के सामने पुलिस के पास कोई जवाब नहीं था। इसी बीच वहां आबकारी विभाग के अधिकारी भी पहुंच गए, लेकिन दुकान हटाने को लेकर कोई ठोस आश्वासन नहीं दिया गया। इससे गुस्साए लोगों ने कहा कि, “शराब दुकान खोले रखनी है, तो स्कूल ही बंद कर दी जाए।”

गांधी चौक पर स्थानांतरित की है शराब की दुकान

स्थानांतरित की गई शराब की दुकान गांधी चौक पर है। इस पर प्रदर्शनकारियों ने कहा कि, प्रशासन महात्मा गांधी का भी सम्मान नहीं कर रहा। इस दुकान से थोड़ी दूरी पर ही गांधी जी की प्रतिमा स्थापित है। उसके प्रति भी अधिकारी नहीं सोच रहे। लोगों ने बताया कि, आबकारी विभाग और प्रशासन को अवगत करवाया था कि स्कूल के पास शराब दुकान खोलना ठीक नही है। अब स्कूल जाने वाले बच्चों को रोज़ाना शराब दुकान के सामने से गुजरना पड़ता है। कई बार तो ऐसे हालात बने हैं कि शराब के नशे में धुत लोगों से बच्चों का आमना सामना हो गया।

महिलाओं ने कहा हम नही चाहते शराब की दुकान

एक स्थानीय समाचार पत्र के मुताबिक, प्रदर्शन में शामिल गोमती कोल, रवीना कोरी, पूना बाई, कविता कोरी, कमल रानी, उमा कोल ने कहा कि वे नहीं चाहतीं कि इस जगह शराब की दुकान हो। “इससे माहौल खराब हो रहा है। मुश्किल से बच्चों को स्कूल भेज पा रहे हैं। वे लौटकर सड़क पर शराब के नशे में होने वाले ड्रामे की कहानी सुनाते हैं। जहां यह शराब दुकान खोली गई है, वहीं पास में गांधी चौक है। महात्मा गांधी की मूर्ति लगी है। फिर भी आबकारी विभाग ने यहां शराब दुकान खोलने की अनुमति दे दी।”

क्षेत्रीयजन फेरार बाई, कस्तूरी देवी, बाबा गोंटिया का कहना था कि, यहां से शीघ्र शराब दुकान हटाने के लिए प्रशासन को पत्र लिखा है। रांझी थाना प्रभारी को भी इस सम्बंध में अवगत कराया गया है। यदि शराब दुकान को इस क्षेत्र से नहीं हटाया जाता है तो फिर क्षेत्र की जनता उग्र आंदोलन करेगी।

मध्यप्रदेश में क्या है नियम?

इस संबंध में द मूकनायक ने आबकारी विभाग के सहायक आयुक्त अजय शर्मा से बातचीत की। उनके अनुसार, मध्यप्रदेश में शराब की दुकान स्थापित करने के संबंध में स्कूल, कॉलेज और धार्मिक स्थल से शराब की दुकान 50 मीटर की दूरी पर होना चाहिए। जिसका उल्लेख आबकारी नियमावली में किया गया है।

एक अन्य मामले में सुप्रीम कोर्ट भी दे चुका है शराब दुकान हटाने का फैसला

वर्ष 2018 में एक ऐसा ही विवाद देश की राजधानी दिल्ली में हुआ था। जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने शराब की दुकान तुरन्त हटाने के निर्देश दिए थे। उस वक्त दिल्ली के एक सेंट्रल स्कूल से शराब दुकान की दूरी के केस में सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली बैंच ने 7 मार्च 2018 में एक निर्णय दिया था। इस निर्णय में उन्होंने केन्द्रीय विद्यालय से 250 मीटर की दूरी वाली शराब दुकान को भी हटवाने के आदेश दिए थे। दिल्ली हाईकोर्ट से राहत नहीं मिलने के कारण ठेकेदार इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में गए थे। यहां हुई सुनवाई में बैंच ने इस मामले में बच्चों के भविष्य को देखते हुए और शराब को सामाजिक बुराई मानते हुए शराब दुकान के ठेकेदार के खिलाफ फैसला सुनाते हुए दुकान को वहां से हटाने का निर्णय दिया था।

Ankit Pachauri
Journalist, The Mooknayak

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