23.1 C
Delhi
Friday, October 7, 2022

पत्रकार सिद्दीकी कप्पन को 23 महीने बाद सुप्रीम कोर्ट से मिली जमानत

हाथरस कांड की कवरेज के लिए जाते वक्त यूपी पुलिस ने किया था गिरफ्तार, दंगे भड़काने की साजिश रचने का लगाया था आरोप

मोहम्मद अब्बास हाफिज खान

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को हाथरस गैंगरेप-हत्या मामले में हिंसा भड़काने की साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार केरल के पत्रकार सिद्दीकी कप्पन को जमानत दे दी है। कप्पन को 2020 में हाथरस जाते वक्त यूपी पुलिस ने गिरफ्तार किया था। यूपी सरकार ने कप्पन के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया था।

Photo Credit : Alzajeera

कप्पन को 5 अक्टूबर 2020 को मथुरा से गिरफ्तार किया गया था। इससे पहले इलाहाबाद हाई कोर्ट ने मामले को गंभीर बताते हुए सिद्दीकी को जमानत देने से मना कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने जमानत देते हुए आदेश दिया कि अगले 6 हफ्ते तक सिद्दीकी दिल्ली में रहेंगे और स्थानीय थाने में हाजिरी भरेंगे, उसके बाद वह केरल जा सकते हैं।

भारत के मुख्य न्यायाधीश यू.यू. ललित ने अदालत में कहा कि सुप्रीम कोर्ट कप्पन को जमानत देगा, उत्तर प्रदेश सरकार के लिए बहस करने वाले विरोधी वकील से पूछा कि वह क्या शर्तें लगाना चाहता है।
कप्पन को 5 अक्टूबर, 2020 को गिरफ्तार किया गया था, जबकि उत्तर प्रदेश के हाथरस से रिपोर्ट करने के लिए जा रहे थे, जहां एक दलित किशोरी के साथ उच्च जाति के पुरुषों द्वारा सामूहिक बलात्कार किया गया था और बाद में उसकी मृत्यु हो गई थी।

उत्तर प्रदेश पुलिस ने उस पर कड़े कानूनों के तहत आरोप लगाया, जिसमें आरोप लगाया गया कि वह हिंसा भड़काने की साजिश का हिस्सा था। सुप्रीम कोर्ट के नवीनतम नोटिस के जवाब में जमानत का विरोध करते हुए आरोप लगाया कि पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया के साथ ’गहरे संबंध’ हैं। कप्पन हाथरस में पत्रकार के तौर पर नहीं, बल्कि पीएफआई के डेलिगेशन के सदस्य के तौर पर जा रहे थे जो पीडि़ता के परिजनों से मिलने के बाद सांप्रदायिक दंगे भड़काते।

इलाहाबाद लखनऊ बेंच ने खारिज कर दी थी जमानत अर्जी

इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने पिछले महीने कप्पन की जमानत अर्जी खारिज कर दी थी। पीएफआई से कथित संबंध रखने के चार आरोपियों के खिलाफ आईपीसी और यूएपीए की धाराओं में मामला दर्ज है। कप्पन के खिलाफ हाथरस में मुकदमा दर्ज किया गया था। यूपी पुलिस के मुताबिक, आरोपी कप्पन हाथरस में कानून-व्यवस्था को बिगाड़ना चाहते थे. जिस पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया से कप्पन का संबंध बताया जा रहा है, उस पर यह भी आरोप लग चुका है कि सीएए के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शनों के लिए संगठन ने फण्ड उपलब्ध कराए थे।

The Mooknayakhttps://themooknayak.in
The Mooknayak is dedicated to Marginalised and unprivileged people of India. It works on the principle of Dr. Ambedkar and Constitution.

Related Articles

हरियाणा: फरीदाबाद स्थित निजी हॉस्पिटल के वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट में उतरे 4 दलित सफाईकर्मियों की जहरीली गैस से मौत

सेक्टर-16 स्थित क्यूआरजी हॉस्पिटल में हुआ यह दर्दनाक हादसा। नई दिल्ली। हरियाणा के फरीदाबाद के सेक्टर-16 स्थित क्यूआरजी...

खबर का असरः पत्नी की गोली मारकर हत्या का आरोपी युवक गिरफ्तार

बेटी के हत्यारे की दो महीने बाद गिरफ्तारी होने पर छलक पड़े पिता के आंसू, जाग उठी न्याय...

राजस्थान: जंगल व वन्यजीव बचेंगे तभी पर्यावरण का संरक्षण होगा

वन्यजीव सप्ताह के तहत पर्यावरण संरक्षण की अलख भावी पीढ़ी में जगाने के लिए सरकारी स्कूलों में विविध कार्यक्रम आयोजित
- Advertisement -

Latest Articles

हरियाणा: फरीदाबाद स्थित निजी हॉस्पिटल के वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट में उतरे 4 दलित सफाईकर्मियों की जहरीली गैस से मौत

सेक्टर-16 स्थित क्यूआरजी हॉस्पिटल में हुआ यह दर्दनाक हादसा। नई दिल्ली। हरियाणा के फरीदाबाद के सेक्टर-16 स्थित क्यूआरजी...

खबर का असरः पत्नी की गोली मारकर हत्या का आरोपी युवक गिरफ्तार

बेटी के हत्यारे की दो महीने बाद गिरफ्तारी होने पर छलक पड़े पिता के आंसू, जाग उठी न्याय...

राजस्थान: जंगल व वन्यजीव बचेंगे तभी पर्यावरण का संरक्षण होगा

वन्यजीव सप्ताह के तहत पर्यावरण संरक्षण की अलख भावी पीढ़ी में जगाने के लिए सरकारी स्कूलों में विविध कार्यक्रम आयोजित

दिल्ली: अशोक विजयदशमी के दिन 10 हजार लोगों ने ली बौद्ध दीक्षा, देश में लगभग 1 लाख लोगों ने बौद्ध धम्म किया ग्रहण

नई दिल्ली। डॉ. भीमराव आंबेडकर ने आखिरी दिनों में सभी धर्मों पर गहरा अध्ययन करने के बाद देश में फैली जाति व्यवस्था...

गुजरात मॉडल: 811 करोड़ की योजनाओं के बाद भी, पिछले 30 दिनों में लगभग 24000 बच्चे कुपोषित मिले!

गुजरात। राज्य सरकार द्वारा पोषण को नियंत्रित करने के लिए 811 करोड़ रुपये की योजनाओं की घोषणा के बाद भी गुजरात राज्य...