26.1 C
Delhi
Monday, August 8, 2022

दलित लेखकों को बाहर कर किया RSS विचारकों को शामिल : कर्नाटक की पाठ्यपुस्तकों में बदलाव की पूरी सूची!

पाठ्यपुस्तकों में किए गए परिवर्तनों में महात्मा गांधी, डॉ. बीआर अंबेडकर से जुड़े पाठों को हटाना और आरएसएस के विचारकों — विनायक सावरकर और केबी हेडगेवार के निबंधों को शामिल करने का मामला सामने आया है।

कर्नाटक में प्रगतिशील समूह विवादास्पद दक्षिणपंथी वक्ता रोहित चक्रतीर्थ की अध्यक्षता वाली समिति द्वारा तैयार की गई स्कूली पाठ्यपुस्तकों के खिलाफ आंदोलन क्यों कर रहे हैं? किन वर्गों को संदर्भ से विकृत किया गया है, किन भागों का भगवाकरण किया गया है और किन प्रगतिशील विचारों को इन ग्रंथों में दबा दिया गया है? विवाद शुरू होने के बाद पहली बार, अब हमारे पास चक्रतीर्थ समिति द्वारा किए गए विभिन्न बदलावों और चूकों को दर्शाने वाली एक विस्तृत सूची है।

शिक्षाविद और लेखक हर्ष कुमार कुगवे द्वारा संकलित सूची से पता चलता है कि दलित लेखकों के साथ-साथ प्रगतिशील, सुधारवादी लेखकों द्वारा सांप्रदायिकता और जाति पदानुक्रम के खिलाफ बोलने और लैंगिक समानता और सामाजिक न्याय की बात करने वाले पाठों को छोड़ दिया गया है। अस्पृश्यता उन्मूलन, लैंगिक भेदभाव और बाल तस्करी जैसे सामाजिक सुधारों से जुड़े अध्याय पूरी तरह से हटा दिए गए हैं।

इन परिवर्तनों में महात्मा गांधी, डॉ. बीआर अंबेडकर, जवाहरलाल नेहरू का महत्वपूर्ण पाठों को हटाना और आरएसएस के विचारक विनायक सावरकर और केबी हेडगेवार के पाठों को जोड़ना शामिल है।

कुगवे ने उल्लेख किया कि, कुल मिलाकर लगभग 27 दलित लेखकों के लेखन को हटा दिया गया था, और उनके स्थान पर 95% पाठ जो डाला गया है वह ब्राह्मणों द्वारा लिखे गए हैं।

पाठ्यपुस्तकों के अंतिम संस्करण में किए गए महत्वपूर्ण परिवर्तनों की सूची कुछ इस तरह है:

कक्षा 5 कन्नड़: प्रसिद्ध कवि मुदनाकुडु चिन्नास्वामी की ‘नन्ना कविथे’ (मेरी कविताएँ) हटा दी गई हैं। वह कर्नाटक में बंदया साहित्यिक आंदोलन के मुखर पैरोकार रहे हैं और उन्होंने अपनी कविताओं का इस्तेमाल जाति व्यवस्था के खिलाफ बोलने के लिए किया है। बंदया आंदोलन कन्नड़ साहित्य में एक प्रगतिशील आंदोलन है जिसे 1974 में शुरू किया गया था।

कक्षा 5 कन्नड़: लेखक बोलवार महम्मद कुन्ही द्वारा लिखित ‘सल्लु हेलबाराडु’ (झूठ नहीं बोलना चाहिए) को बिना किसी स्पष्टीकरण के हटा दिया गया है। कुन्ही मुस्लिम संस्कृति को कन्नड़ कथा गद्य लेखन में लाने वाले पहले लेखक थे। उन्होंने इस्लाम के बारे में भ्रांतियों पर भी विस्तार से लिखा था।

कक्षा 5 कन्नड़: ‘होसा धर्मगला उदय’ (नए धर्मों का उदय) शीर्षक वाला एक पाठ बिना किसी स्पष्टीकरण के हटा दिया गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि पाठ में धार्मिक सद्भाव के बारे में उपयोगी दृष्टिकोण था।

कक्षा 6 कन्नड़: लेखक और कवि चेन्नाना वलीकर द्वारा डॉ. बीआर अंबेडकर के बारे में लिखी गई एक कविता जिसका शीर्षक ‘नी होदा मरुदीना’ (आपके जाने के बाद का दिन) है, को बिना किसी स्पष्टीकरण के हटा दिया गया है। वलीकर बंदया आंदोलन के एक और कवि थे जिन्होंने हाशिए के समुदायों के उत्थान के लिए बड़े पैमाने पर लिखा था।

कक्षा 6 कन्नड़: लेखक मलाथी पट्टनशेट्टी की ‘कुड़ी नन्ना बालव्य’ (मेरा जीवन समग्रता में) शीर्षक वाली एक कविता को बिना किसी स्पष्टीकरण के हटा दिया गया है। पट्टनशेट्टी एक पुरस्कार विजेता लेखिका हैं, जिन्होंने कर्नाटक साहित्य अकादमी के अध्यक्ष के रूप में कार्य किया है। उन्होंने सामाजिक अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने के लिए अपने लेखनी का इस्तेमाल किया है और दूसरों को भी ऐसा करने के लिए प्रोत्साहित किया है।

कक्षा 6 कन्नड़: लेखक और कन्नड़ साहित्य परिषद (केएसपी) के पूर्व अध्यक्ष मनु बालीगर की एक कविता ‘बा बेगा सूर्या’ (कम सून, सन) शीर्षक से हटा दी गई है। बालीगर ने इंस्टीट्यूट ऑफ बैंकिंग पर्सनेल सिलेक्शन (IBPS) द्वारा कन्नड़ में प्रवेश परीक्षा नहीं आयोजित करने का जोरदार विरोध किया था और तत्कालीन सीएम येदियुरप्पा को पत्र लिखकर केंद्र सरकार से कन्नड़ में परीक्षा आयोजित करने का आग्रह करने के लिए कहा था।

कक्षा 6 कन्नड़: एच एस शिवप्रकाश का एक निबंध ‘मागु मथु हनुगलु’ (बच्चा और फल) शीर्षक से हटा दिया गया है। शिवप्रकाश जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में लेखक और प्रोफेसर हैं।

कक्षा 7 कन्नड़: सावित्रीबाई फुले पर डॉ एच एस अनुपमा का निबंध हटा दिया गया है। इसके स्थान पर आरएसएस द्वारा संचालित कन्नड़ साप्ताहिक विक्रमा से जुड़े लेखक रामानंद आचार्य द्वारा लिखित ‘सामाजिक उत्तरदायित्व का पहला पाठ’ शीर्षक से एक पाठ जोड़ा गया है।

कक्षा 7 सामाजिक विज्ञान: सावित्रीबाई फुले, ताराबाई शिंदे, पंडित रमाबाई की विशेषता वाली महिला समाज सुधारकों पर एक पाठ हटा दिया गया है।

कक्षा 7 सामाजिक विज्ञान: ‘गांधी युग’ (गांधी का युग) नामक एक पाठ, जिसमें स्वतंत्रता आंदोलन, चंपारण और किसान आंदोलन में महात्मा गांधी के शुरुआती दिनों के बारे में बात की गई थी, उसे हटा दिया गया है।

कक्षा 7 सामाजिक विज्ञान: ‘अम्बेडकर मथु अवारा सुधारनेगलु’ (अम्बेडकर और उनके सुधार) नामक एक पाठ जिसमें अम्बेडकर के शुरुआती दिनों, उनके पैतृक गाँव, उनके माता-पिता, महाड सत्याग्रह, कालाराम मंदिर में दलितों के प्रवेश का विवरण है। इन सब को हटा दिया गया।

कक्षा 7 सामाजिक विज्ञान: रानी अब्बक्का देवी, बल्लारी सिद्धम्मा, कमलादेवी चट्टोपाध्याय, यशोधरा दासप्पा, उमाबाई कुंडापुर की विशेषता वाले ‘महिला स्वतंत्र होरतागरु’ (महिला स्वतंत्रता सेनानी) नामक एक पाठ को पूरी तरह से हटा दिया गया है।

कक्षा 8 कन्नड़: विजयमाला रंगनाथ द्वारा ‘ब्लड ग्रुप’ नामक एक अध्याय जो की सामाजिक समानता के बारे में बताती थी उसे हटाकर सावरकर पर लिखा ‘कालवन्नु गेद्दारू’ (सीजन जीतने वाला) नामक एक अध्याय से बदल दिया गया है जिसे केटी गट्टी ने लिखा है।

कक्षा 8 कन्नड़: ‘मैगलिगे बरेदा पथरागलु’ (लेटर फ्रॉम ए फादर टू हिज डॉटर), जवाहरलाल नेहरू, जो की थी था शर्मा व सिद्धानहल्ली कृष्ण शर्मा द्वारा अनुवादित था उसे हटाकर, परमपल्ली नरसिम्हा ऐथल द्वारा लिखे एक पौराणिक नाटक, भुकैलासा को डाल दिया गया।

कक्षा 8 सामाजिक विज्ञान: भौगोलिक विशेषताओं, प्राचीन विश्व सभ्यताओं, प्राचीन भारतीय सभ्यताओं, जैन धर्म और बौद्ध धर्म के उदय पर एक अध्याय को भारत, सिंधु सरस्वती सभ्यता, सनातन धर्म, जैन और बौद्ध धर्म के शब्द, में बदल दिया गया है।

कक्षा 8 सामाजिक विज्ञान: मौखिक उद्धरण: विवरण में, कुमारराय, चित्रदुर्ग के नायक, केम्पे गौड़ा, टीपू सुल्तान, संगोली रायन्ना, कित्तूर चेन्नम्मा, सिंधुर लक्ष्मण, मीडोज टेलर के उदाहरणों को वेदों और महाभारत के उदाहरणों से बदल दिया गया है।

कक्षा 8 सामाजिक विज्ञान: भारत के राजनीतिक विभाजन के मानचित्र को ‘अखंड भारत’ के नक्शे से बदल दिया गया है, जैसा कि आरएसएस की कल्पना थी।

कक्षा 8 सामाजिक विज्ञान: मानव अधिकारों से जुड़े अध्यायों को हटा दिया गया है।

कक्षा 8 सामाजिक विज्ञान: अशोक के साम्राज्य के बारे में जानकारी के तीन पृष्ठ थे। इसको कम कर दिया गया है। विशेष रूप से बौद्ध धर्म और अशोक के खंड और अशोक के शिलालेखों को हटा दिया गया है।

कक्षा 9 कन्नड़: दलित लेखक अरविंद मालागट्टी की बुद्ध पर कविता, ‘मराली मानेगे’ (घर वापस), हटा दी गई है।

कक्षा 9 सामाजिक विज्ञान: ईसाई धर्म और इस्लाम पर एक अध्याय था। अब समकालीन धर्मों पर एक अध्याय है और एक भ्रमित करने वाला कथन है कि रिलीजन और धर्म अलग हैं।

कक्षा 9 सामाजिक विज्ञान: ‘नम्मा संविधान’ (हमारा संविधान) अध्याय में, एक पंक्ति थी जिसमे अम्बेडकर को संविधान के निर्माता के रूप में ,उनके योगदान पर प्रकाश डाला गया था। इसे हटा दिया गया है और इसके बजाय, बीएन राव को संविधान का मसौदा तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का श्रेय दिया गया है।

कक्षा 10 कन्नड़: ‘युद्ध’ (युद्ध), सारा अबूबकर का एक गद्य हटा दिया गया है। सारा अबूबकर एक प्रमुख मुस्लिम कन्नड़ लेखिका हैं।

कक्षा 10 कन्नड़: स्वामी विवेकानंद की शिक्षाओं को हटा दिया गया है। दार्शनिक और संस्कृत के विद्वान बन्नंजे गोविंदाचार्य के लेखन को शामिल किया गया है।

कक्षा 10 कन्नड़: आरएसएस के संस्थापक केबी हेडगेवार का भाषण ‘निजवाद आदर्श पुरुष यारागाबेकु’ (एक आदर्श रोल मॉडल कौन है?) जोड़ा गया है।

कक्षा 10 कन्नड़: पी लंकेश की कहानियां ‘मृगा’ (द बीस्ट) और ‘सुंदरी’ (द ब्यूटी) को हटा दिया गया है। पी लंकेश एक प्रसिद्ध पत्रकार, प्रगतिशील लेखक थे, वह दिवंगत पत्रकार और कार्यकर्ता गौरी लंकेश के पिता थे।

कक्षा 10 कन्नड़: पाठ ‘जनपद ओगटुगलु’ (लोक पहेलियों) को हटा दिया गया है, इसकी जगह ‘हेंग पुंगली’ प्रसिद्ध लेखक चक्रवर्ती सुलीबेले की ‘इंडियाज इटरनल चिल्ड्रन’ (‘भारतीय अमरपुत्ररु’) ने ले ली है। सुलीबेले एक लोकप्रिय, उत्तेजक वक्ता और दक्षिणपंथी विचारक हैं।

कक्षा 10 सामाजिक विज्ञान: गांधी के समय में स्वतंत्रता संग्राम पर पाठ को हटा दिया गया है। इस पाठ में, अम्बेडकर के बारे में एक खंड में उल्लेख किया गया था कि, “जाति व्यवस्था से थककर उन्होंने हिंदू धर्म छोड़ दिया, जाति व्यवस्था और सामाजिक स्तरीकरण का विरोध किया और बौद्ध धर्म अपनाया।” इसके बजाय, पाठ अब कहता है, “छोटी उम्र से ही, वह हिंदू धर्म से थक गया था और उसने बौद्ध धर्म अपनाया, जो हिंदू संस्कृति का हिस्सा है।”

कक्षा 10 सामाजिक विज्ञान: भारत की विदेश नीति पर पाठ पूरी तरह से हटा दिया गया है।

कक्षा 10 सामाजिक विज्ञान: नारायण गुरु के धर्म परिपालन योगम, थियोसोफिकल सोसाइटी, यंग बंगाल आंदोलन और पेरियार पर सामाजिक और धार्मिक सुधार पाठ पूरी तरह से हटा दिए गए हैं।

कक्षा 10 सामाजिक विज्ञान: सामाजिक आंदोलनों पर पाठ पूरी तरह से हटा दिया गया है।

कक्षा 10 सामाजिक विज्ञान: ‘समाज में समस्याएं’ पर पाठ (समाज्यक समसयेगलु) को ‘सामाजिक प्रश्न’ (समाजिका सावलुगलु) में बदल दिया गया है और ‘क्षेत्रवाद’ पर एक नया तत्व जोड़ा गया है। इसमें कहा गया है कि भाषा का संघर्ष देश के हितों के खिलाफ है। उदाहरण के तौर पर तेलंगाना का इस्तेमाल किया जाता है

कक्षा 10 सामाजिक विज्ञान: अस्पृश्यता उन्मूलन के लिए आंदोलनों पर पाठ हटा दिया गया है।

कक्षा 10 सामाजिक विज्ञान: लैंगिक भेदभाव, बाल विवाह, बाल तस्करी पर पाठ पूरी तरह से हटा दिया गया है।

(उक्त लेख की मूल स्टोरी ‘द न्यूजमिनट’ वेबसाइट पर पहले ही प्रकाशित की जा चुकी है।)

The Mooknayakhttps://themooknayak.in
The Mooknayak is dedicated to Marginalised and unprivileged people of India. It works on the principle of Dr. Ambedkar and Constitution.

Related Articles

मध्यप्रदेशः पंच-सरपंच महिलाओं के अधिकार पर पति-रिश्तेदारों का ‘डाका’, कैसे सशक्त होंगी महिलाएं!

सरपंच निर्वाचित महिला के पति ने ली शपथ, दलित सरपंच ने सामान्य वर्ग के युवक को बनाया सरपंच प्रतिनिधि.

राजस्थान: 30 घंटे पेड़ से लटका रहा दलित संत का शव, भाजपा विधायक सहित 3 पर केस दर्ज

साधु ने की आत्महत्या, सुसाइड नोट में भाजपा विधायक पर लगाए गंभीर आरोप जालोर। राजस्थान के जालौर जिले में...

राजस्थानः अल्प मानदेय में मदरसों के पैरा टीचर्स कर रहे काम, कैसे हो परिवार का पालन-पोषण!

रिपोर्ट- अब्दुल माहिर बोर्ड से पंजीकृत मदरसों के पैरा टीचर्स बेहाल, शिक्षक कर रहे आर्थिक तंगी का सामना।
- Advertisement -

Latest Articles

मध्यप्रदेशः पंच-सरपंच महिलाओं के अधिकार पर पति-रिश्तेदारों का ‘डाका’, कैसे सशक्त होंगी महिलाएं!

सरपंच निर्वाचित महिला के पति ने ली शपथ, दलित सरपंच ने सामान्य वर्ग के युवक को बनाया सरपंच प्रतिनिधि.

राजस्थान: 30 घंटे पेड़ से लटका रहा दलित संत का शव, भाजपा विधायक सहित 3 पर केस दर्ज

साधु ने की आत्महत्या, सुसाइड नोट में भाजपा विधायक पर लगाए गंभीर आरोप जालोर। राजस्थान के जालौर जिले में...

राजस्थानः अल्प मानदेय में मदरसों के पैरा टीचर्स कर रहे काम, कैसे हो परिवार का पालन-पोषण!

रिपोर्ट- अब्दुल माहिर बोर्ड से पंजीकृत मदरसों के पैरा टीचर्स बेहाल, शिक्षक कर रहे आर्थिक तंगी का सामना।

मध्यप्रदेशः सागर की ‘बसंती’ पर मानव तस्करी का आरोप, नाबालिग से करवाती थी अवैध धंधा!

भोपाल। मध्य प्रदेश के सागर जिले में महिला द्वारा मानव तस्करी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस ने दो गुमशुदा बच्चियां...

उत्तर प्रदेशः दरोगा ने दो दलित भाइयों को चौकी में बंद कर रात भर पीटा, जुर्म कबूल करने का बनाया दबाव!

मंझनपुर क्षेत्र से नाबालिग लड़की गायब हुई थी, पुलिस ने पूछताछ के लिए थाने बुलाया था। लखनऊ। यूपी...