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Wednesday, November 30, 2022

जनता के पैसे से तनख्वाह लेने वाले सरकारी कार्मिक उनका का ही काम नहीं करते हैं, इनकी जवाबदेही तय हो – शंकर सिंह

जवाबदेही यात्रा पहुंची राजस्थान के झालावाड़, लोगों में यात्रा के प्रति दिखी उत्सुकता

झालावाड़ (राजस्थान)। सूचना एवं रोजगार अधिकार अभियान द्वारा फिर से शुरू की गई द्वितीय जवाबदेही यात्रा गत बुधवार को झालावाड़ जिला मुख्यालय पर पहुंची। यहां पर यात्रा में शामिल सदस्यों की ओर से झालावाड़ के बाजारों में रैली निकाली गई, वहीं आमजन की शिकायतें लिखीं गईं।

यात्रा की शुरुआत रैली से हुई और फिर यह मिनी सचिवालय के बाहर पहुंचकर सभा में बदल गई जहां पर कई वक्ताओं ने इसे संबोधित किया। मजदूर किसान शक्ति संगठन से जुड़े शंकर सिंह ने कहा, “आज हम छोटे-छोटे काम के लिए घूमते रहते हैं और उसे कई वर्ष होने पर भी काम नहीं होता है। सरकार को चलाने और सरकारी कर्मचारियों, अधिकारियों और जन प्रतिनिधियों की तनख्वाह हमारे पैसों से दी जाती तो हम क्यों अपने काम के लिए भटकते रहते है.” उन्होंने कहा, “सरकारी कर्मचारियों, अधिकारियों एवं जन प्रतिनिधियों की जवाबदेही तय होनी चाहिए.”

सूचना एवं रोजगार अधिकार अभियान राजस्थान से जुड़े आर डी व्यास ने कहा, “जब मनरेगा में मजदूर काम करने जाते हैं तो उनके काम की नपती की जाती है और उसके बाद ही जो जितना काम करते हैं उन्हें उतना पैसा मिलता हैं, लेकिन सरकार के अंदर कोई काम पूरा करे, कम करे या बिल्कुल नहीं करे तनख्वाह बराबर मिलती रहती है। ऊपर से रिश्वत और मांगते हैं.” उन्होंने सवाल उठाया, “जब मजदूरों के काम की नपती होती है तो कर्मचारियों की क्यों नहीं होती.”

राधारमण मैरिज गार्डन से मिनी सचिवालय तक निकाली रैली

जवाबदेही आन्दोलन की ओर से राधारमण मैरिज गार्डन से साडिया चौराहा, बस स्टैंड, मेडिकल कॉलेज होते हुए मिनी सचिवालय तक रैली निकाली गई, जिसमें लोगों ने रैली में जवाबदेही कानून पास करो के नारे लगाए। स्वयंसेवक माया, बेनीप्रसाद, संजीदा, जितेंद्र, सुरेश, आदि ने कानून और जवाबदेही कानून किसलिए को लेकर पर्चे बांटे।

स्वयंसेवकों ने लिखी शिकायतें

झालावाड़ कलक्टरी परिसर में जवाबदेही यात्रा के शक्ति सिंह, रेखा, कमलेश, बेनीप्रसाद, नरपत, ठाकुर, रमेश आदि ने लोगों की शिकायतें लिखीं, जिन्हें जिला कलेक्टर को सौंपा गया। और इन्हें जवाबदेही यात्रा के इवेंट में दर्ज कर कार्यवाही शुरू की जाएगी।

जिला प्रशासन के साथ बैठक, शिकायतों पर मांगी जवाबदेही

जिला कलेक्टर डॉ. भारती दीक्षित, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी, उपनिदेशक सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, श्रम विभाग सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे। अभियान की ओर से शंकर सिंह, आर डी व्यास, मुकेश निर्वासित, रेहाना बानो, कमलेश, सतवीर, हीरालाल, कन्हैयालाल, दीक्षा आदि ने मुद्दे रखे। सबसे पहले प्रशासन गाँव और शहर के संग प्रकरणों की प्रगति, सिलिकोसिस, पालनहार, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, महात्मा गाँधी नरेगा में काम और रिजेक्ट पेमेंट, स्कूलों में खेल मैंदान और उन पर स्कूल का कब्जा, स्कूलों और अस्पतालों में स्टाफ, कचरा बीनने वाले, शहरी रोजगार गारंटी योजन सहित कई अन्य योजनाओं पर महत्वपूर्ण चर्चा हुई।

जिला कलेक्टर ने दिया उचित कार्यवाही का आश्वासन

जिला कलेक्टर ने सभी समस्याओं को बहुत ही गंभीरता से सुना और सभी शिकायतों पर उचित कार्यवाही करने का आश्वासन दिया। कुछ समस्याओं के संबंध में मौके पर ही अधिकारियों को निर्देशित किया।

आज जवाबदेही यात्रा टोंक में

कल जवाबदेही यात्रा अगले जिले के पड़ाव में टोंक जिला मुख्यालय पर होगी, जहाँ पर लोगों की शिकायतें लिखी जाएंगी और जिला प्रशासन के साथ मीटिंग की जाएगी। टोंक शहर में रैली भी निकाली जाएगी। यात्रा में शंकर सिंह, श्याम लाल, वकताराम, ऋचा औदिच्य, चन्द्रकला, रणछोड़ देवासी, भँवर मेघवंशी, नरसाराम, लाडूराम, लखमाराम, ताराचंद वर्मा, चेतनराम, रावतराम, मोहनराम, तोलाराम, अनीता सोनी, प्रेम कँवर डांगी, मनीषा, पप्पूराम, नौरतमल, कमल कुमार, पारस बंजारा, विनीत भाम्भू, मुकेश निर्वासित, मूलचंद, हीरालाल, कन्हैयाला, धर्मचंद खैर व सतवीर जारौली यात्रा में साथ चल रहे है।

क्या है जवाबदेही कानून और क्यों की जा रही है इसकी मांग

पिछले एक दशक से भी अधिक समय से जवाबदेही कानून की मांग राजस्थान राज्य में की जा रही है। गौरतलब है कि सूचना का अधिकार, महात्मा गाँधी नरेगा, सामाजिक अंकेक्षण जैसे कानून और प्रयासों के लिए राजस्थान से आन्दोलन की शुरुआत हुई और ये कानून बने और पूरे देश में फैले। जवाबदेही कानून आरटीआई पार्ट-2 है, जो पारदर्शिता से जवाबदेही की ओर ले जाएगा। ये कानून राज्य में लोकसेवकों की जनता के प्रति जवाबदेही स्थापित करेगा।

2018 में राजस्थान कांग्रेस कमेटी ने अपने घोषणा पत्र में यह वादा किया था कि वे जवाबदेही कानून लाएंगे। काँग्रेस की सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री ने पूर्व प्रशासनिक अधिकारी रामलुभाया के नेतृत्व में कानून का मसौदा बनाए जाने और सिफारिश देने के लिए समिति बनाई, जिसने कानूनी मसौदा जनवरी 2020 में प्रस्तुत कर दिया था। मुख्यमंत्री ने 2022-23 के बजट में पुनः जवाबदेही कानून लाने की घोषणा की है, लेकिन आज दिन तक उस कानून के मसौदे को विधानसभा के पटल पर नहीं रखा गया।

33 जिलों में जा रही यात्रा का संयोजन सूचना एवं रोजगार अधिकार अभियान राजस्थान ( एस आर अभियान) कर रहा है जो लगभग 80 सामाजिक आंदोलनों, अभियानों व संगठनों का सामूहिक मंच है। यह अभियान पिछले 17 वर्षों से जनता से जुड़े विभिन्न मुद्दे उठाता रहा है और उन पर जवाबदेही की मांग करता रहा है। इसी वर्ष 5 जनवरी 2022 को कोविड के मामले बढ़ने की वजह से जवाबदेही यात्रा को कोटा में स्थगित करना पड़ा था.

2015-16 में एस आर अभियान द्वारा राजस्थान के सभी 33 जिलों में 100 दिन की पहली जावाबदेही यात्रा निकाली गई थी। यात्रा के दौरान अभियान द्वारा लगभग 10,000 शिकायतों का पंजीकरण किया गया, जिन्हें राजस्थान सम्पर्क पोर्टल पर भी डाला गया था और उनके पीछा किया गया था। इसके बाद जयपुर में 22 दिन का जवाबदेही धरना लगाया गया और सरकार से तुरंत यह कानून पारित करने की माँग की गई।

Arun Kr Verma
Arun Verma, Managing Editor The Mooknayak

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